राजस्थान का जैसलमेर इस बार एक ऐतिहासिक खेल आयोजन का गवाह बनने जा रहा है। यहां देश की सबसे कठिन अल्ट्रा मैराथन का आयोजन किया जाएगा जिसमें देशभर से करीब 1200 धावक हिस्सा लेंगे। इस मैराथन की खासियत यह है कि इसे भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास रेगिस्तानी इलाकों में आयोजित किया जा रहा है। प्रतिभागियों को 160 किलोमीटर लंबी दूरी तय करनी होगी और इसके लिए कुल 28 घंटे का समय निर्धारित किया गया है।
रेत के टीलों, तेज हवाओं और रेगिस्तान की तपती गर्मी के बीच दौड़ना धावकों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा। आयोजकों का कहना है कि इस अल्ट्रा मैराथन का मकसद धावकों की सहनशक्ति और मानसिक मजबूती की परीक्षा लेना है। इसके साथ ही जैसलमेर की संस्कृति और रेगिस्तान की खूबसूरती को भी दुनिया के सामने पेश करना है।
देश के अलग-अलग राज्यों के अलावा विदेशों से भी धावक इस आयोजन में भाग लेने के लिए पहुंचे हैं। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि धावकों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इस आयोजन से न केवल खेल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि जैसलमेर का नाम अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में भी चमकेगा।





