भारत ने अमेरिकी राष्ट्रपति के उस दावे का खंडन किया है जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की और भारत ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह रूस से तेल खरीदना बंद कर देंगे। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि दोनों नेताओं के बीच किसी भी प्रकार की बातचीत या टेलीफोन कॉल नहीं हुई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत हमेशा से अस्थिर ऊर्जा परिदृश्य में भारतीय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा को प्राथमिकता देता रहा है। इसके साथ ही उन्होंने अफगानिस्तान और पाकिस्तान के हालिया संघर्ष पर भारत का रुख भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आतंकवादी संगठनों को पनाह देता है और पड़ोसियों को अपनी अंदरूनी नाकामियों का दोष देने की पुरानी आदत डालता है। वहीं, अफगानिस्तान अपनी सॉवरेनिटी और क्षेत्रीय अखंडता का प्रयोग कर रहा है और भारत इसके पूर्ण समर्थन में खड़ा है। प्रवक्ता ने यह भी बताया कि काबुल में भारतीय तकनीकी मिशन कार्यरत है और आने वाले दिनों में एम्बेसी में ट्रांजिशन पूरा किया जाएगा। इस पूरे मामले में भारत ने अपने रुख को साफ रखते हुए अमेरिकी दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है और अपनी नीति के प्रति स्पष्ट संदेश दिया है कि राष्ट्रीय हित सर्वोपरि हैं।





