जयपुर शहर में नगर निगम की अनदेखी के चलते हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। कई इलाकों में खुले में कचरा जमा होने से पूरा शहर धीरे-धीरे डंपिंग यार्ड में तब्दील होता नजर आ रहा है। सड़कों के किनारे, खाली प्लॉट्स और रिहायशी क्षेत्रों में फैला कचरा न सिर्फ शहर की सुंदरता को बिगाड़ रहा है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन चुका है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर निगम में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ। सफाई व्यवस्था अनियमित है और कचरा उठाने वाली गाड़ियां कई-कई दिनों तक नजर नहीं आतीं। बरसात और गर्मी के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जिससे दुर्गंध और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।
लोगों का आरोप है कि प्रशासन इस समस्या पर मूक दर्शक बना हुआ है। जनता का कहना है कि सफाई के नाम पर केवल कागजी योजनाएं बनती हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं होती। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शहरवासियों ने मांग की है कि नगर निगम तत्काल प्रभाव से सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करे, नियमित कचरा उठान सुनिश्चित करे और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो जनता आंदोलन का रास्ता भी अपना सकती है।





