जयपुर। राजस्थान में मनरेगा कार्यों की समाप्ति को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को कांग्रेस पार्टी ने प्रदेशभर में उपवास और धरना-प्रदर्शन आयोजित किया, जिसमें कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा सहित कई विधायक, पूर्व मंत्री, वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना को कमजोर कर गरीबों और ग्रामीण मजदूरों के रोजगार पर सीधा हमला किया जा रहा है। उपवास के दौरान नेताओं ने कहा कि राज्य में लाखों परिवार मनरेगा पर निर्भर हैं, लेकिन सरकार की नीतियों के कारण काम बंद हो रहा है और मजदूरों को समय पर रोजगार व भुगतान नहीं मिल पा रहा है।
डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस हमेशा गरीब, किसान और मजदूरों की आवाज़ उठाती रही है और मनरेगा के मुद्दे पर यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। वहीं टीकाराम जूली ने सरकार से तुरंत मनरेगा कार्य पुनः शुरू करने और लंबित मजदूरी का भुगतान करने की मांग की।
धरना स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कांग्रेस का यह उपवास राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ता नजर आ रहा है।





