जैसलमेर के पोकरण क्षेत्र में हुए भीषण बस अग्निकांड ने पूरे राजस्थान को झकझोर कर रख दिया है। हादसे में जिंदा जल गए 20 लोगों की पहचान के लिए अब DNA सैंपलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सभी मृतकों के शवों को जोधपुर के एम्स अस्पताल लाया गया है, जहां मेडिकल टीम द्वारा DNA जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि कई शव बुरी तरह जल चुके हैं, जिससे उनकी पहचान संभव नहीं हो पा रही है। कुछ शव तो इतने अधिक झुलस गए हैं कि केवल एक पोटली में हड्डियां ही बची हैं। प्रशासन और पुलिस अधिकारी लगातार परिजनों से संपर्क में हैं ताकि DNA सैंपल मिलान के जरिए मृतकों की पहचान जल्द से जल्द हो सके।
यह दर्दनाक घटना उस समय हुई जब बस में सवार यात्री अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे और अचानक बस में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सबकुछ जलकर खाक हो चुका था। सरकार ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।





