Thursday, January 15, 2026
Banner Top

राजस्थान के जालोर जिले में एक 23 वर्षीय साध्वी की कठोर तपस्या इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। कड़ाके की ठंड के बीच, जब तापमान करीब 7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, तब भी यह युवा साध्वी जलधारा तपस्या कर रही हैं। साध्वी प्रतिदिन 108 मटकों के ठंडे पानी से स्नान कर रही हैं, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

साध्वी का कहना है कि यह तपस्या आत्मशुद्धि, साधना और समाज को सकारात्मक संदेश देने के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “हर संत ढोंगी नहीं होता” और सच्ची साधना त्याग, संयम और आत्मबल से जुड़ी होती है। उनके अनुसार, आज के समय में संत समाज को लेकर जो भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं, यह तपस्या उसी सोच को तोड़ने का प्रयास है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी कम उम्र में इस तरह की कठोर साधना असाधारण है। ठंड और मौसम की मार के बावजूद साध्वी की दृढ़ इच्छाशक्ति लोगों को प्रेरित कर रही है। हालांकि, कुछ लोग स्वास्थ्य को लेकर चिंता भी जता रहे हैं, लेकिन साध्वी और उनके समर्थकों का कहना है कि पूरी सावधानी और धार्मिक विधि-विधान के साथ तपस्या की जा रही है।

इस अनोखी तपस्या ने जालोर को एक बार फिर धार्मिक और सामाजिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

0 Comments

Leave a Comment

Archives

<div id="slider-posts-1" class="widget fnwp-widget flownews_widget fnwp_slider_posts"> <h3 class="widget-title"><span class="fnwp-title-widget">Popular Posts</span></h3> </div>