राजस्थान में ग्रेड थर्ड शिक्षक भर्ती को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है, जहां हाईकोर्ट ने एक वर्षीय डिप्लोमा धारकों के चयन पर रोक लगा दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि शिक्षक पद के लिए केवल दो वर्षीय बीएसटीसी करने वाले अभ्यर्थी ही पात्र माने जाएंगे। यह मामला तब सामने आया जब कुछ अभ्यर्थियों ने एक वर्षीय डिप्लोमा के आधार पर चयन प्रक्रिया में शामिल होने का दावा किया था। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उनका डिप्लोमा भी मान्य होना चाहिए, लेकिन कोर्ट ने फिलहाल इस पर सहमति नहीं दी और निर्णय देते हुए चयन प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगा दी। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक से इस मामले पर विस्तृत जवाब मांगा है। अदालत ने पूछा है कि एक वर्षीय डिप्लोमा को पात्रता में शामिल क्यों किया गया और यह प्रक्रिया किन नियमों के तहत लागू की गई। इस आदेश के बाद दो वर्षीय बीएसटीसी करने वाले अभ्यर्थियों में राहत की भावना है, जबकि एक वर्षीय डिप्लोमा वाले अभ्यर्थियों में निराशा देखने को मिली है। मामला अभी विचाराधीन है और अगली सुनवाई में सरकार को अपने पक्ष में स्पष्टीकरण देना होगा। यह फैसला न केवल भर्ती प्रक्रिया बल्कि भविष्य में शिक्षकों की पात्रता मानकों पर भी बड़ा असर डाल सकता है।





