राजस्थान की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अंता विधानसभा से प्रत्याशी रहे मोरपाल सुमन को कारण बताओ नोटिस जारी किया। पार्टी की ओर से यह कार्रवाई उस बयान के बाद की गई है, जिसमें मोरपाल सुमन ने चुनाव में हार के लिए पार्टी के कुछ विधायकों और पदाधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया था।
मोरपाल सुमन ने आरोप लगाया था कि पार्टी के भीतर ही उनके खिलाफ साजिश रची गई, जिससे उन्हें चुनाव में नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी (या बिरला—जैसा आरोप में कहा गया) सहित कुछ नेताओं पर सहयोग न करने और चुनाव हराने का आरोप लगाया था।
BJP नेतृत्व ने इन आरोपों को अनुशासनहीनता की श्रेणी में मानते हुए नोटिस जारी किया है और तय समय सीमा में जवाब मांगा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, सार्वजनिक मंच पर इस तरह के बयान पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं।
मामले ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है और आने वाले दिनों में मोरपाल सुमन के जवाब के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।





