राजस्थान के नागौर जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां बीडीओ को एपीओ किए जाने के बाद ग्रामीणों ने ढोल बजाकर खुशी मनाई। यह मामला उस समय चर्चा में आया जब स्थानीय सरपंच और ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए बीडीओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। सरपंच ने विरोध स्वरूप पानी की टंकी पर चढ़कर धरना दिया था और प्रशासन से तुरंत निलंबन की मांग की थी। इस प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने बीडीओ को एपीओ आदेश जारी कर दिया, जिसके बाद ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई और लोगों ने ढोल बजाकर जश्न मनाया। ग्रामीणों का आरोप था कि बीडीओ द्वारा विकास कार्यों में अनियमितता बरती जा रही थी और कई योजनाओं में भ्रष्टाचार सामने आया था। ग्रामीणों का कहना है कि यह कार्रवाई क्षेत्र के विकास और पारदर्शिता की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी और यदि आरोप सही पाए गए तो आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक गतिविधियों में हलचल पैदा कर दी है, जबकि ग्रामीण अब निष्पक्ष जांच की उम्मीद कर रहे हैं।





