राजस्थान की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व मंत्री मालवीय ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को पत्र लिखकर भाजपा छोड़ने की जानकारी दी और पार्टी के भीतर खुद को उपेक्षित और असहज महसूस करने की बात कही। मालवीय ने अपने पत्र में लिखा कि भाजपा में उन्हें न तो सम्मान मिला और न ही विचारों को रखने की स्वतंत्रता, जिसके कारण उनका “दम घुट रहा था।”
गौरतलब है कि मालवीय करीब 23 महीने पहले भाजपा में शामिल हुए थे। उस समय उनके भाजपा में आने को पार्टी के लिए बड़ी राजनीतिक उपलब्धि माना गया था। हालांकि समय के साथ हालात बदलते गए और पार्टी के भीतर तालमेल की कमी सामने आने लगी। मालवीय का कहना है कि वे जनहित और वैचारिक स्पष्टता के साथ राजनीति करना चाहते हैं, लेकिन भाजपा में रहते हुए यह संभव नहीं हो पाया।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, मालवीय का इस्तीफा राजस्थान की सियासत में नई हलचल पैदा कर सकता है। कांग्रेस खेमे में इसे एक बड़ी मजबूती के रूप में देखा जा रहा है, वहीं भाजपा के लिए यह घटनाक्रम संगठनात्मक चुनौती बन सकता है। आने वाले दिनों में मालवीय की आगे की राजनीतिक भूमिका पर सबकी नजरें टिकी हैं।





