कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और देश के पूर्व गृह मंत्री शिवराज पाटिल का महाराष्ट्र के लातूर में 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। वह लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे और उनका उपचार घर पर ही चल रहा था। शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। शिवराज पाटिल देश की राजनीति में एक प्रतिष्ठित और प्रभावशाली नाम रहे। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को संभाला। वह सात बार लातूर से सांसद चुने गए और लोकसभा अध्यक्ष के तौर पर भी अपनी भूमिका निभाई।
उन्होंने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की सरकारों में रक्षा मंत्री के रूप में काम किया और बाद में यूपीए सरकार में गृह मंत्री बनाए गए। 2008 के मुंबई हमलों के बाद उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए गृह मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। शिवराज पाटिल पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक भी रहे। पढ़ाई के दौरान उन्होंने उस्मानिया विश्वविद्यालय से विज्ञान और बॉम्बे विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल की।
शिवराज पाटिल सत्य साई बाबा के प्रबल अनुयायी थे और सार्वजनिक जीवन में अपनी सादगी और अनुशासन के लिए जाने जाते थे। उनके निधन से राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।





