देश में आगामी जनगणना 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं और रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया ने सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को 15 जनवरी 2026 तक जनगणना कर्मचारियों की नियुक्ति पूरी करने का आदेश जारी किया है। जनगणना में करोड़ों लोगों से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े जुटाने का काम गणनाकार और सुपरवाइजर करेंगे। जारी सर्कुलर में बताया गया है कि एक गणनाकार को लगभग 700 से 800 लोगों की जनगणना की जिम्मेदारी दी जाएगी, जबकि हर छह गणनाकारों पर एक सुपरवाइजर नियुक्त होगा। साथ ही अनिश्चित परिस्थितियों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षित स्टाफ भी रखा जाएगा। जनगणना नियम 1990 के अनुसार शिक्षक, क्लर्क और सरकारी कर्मचारी गणनाकार के रूप में नियुक्त किए जा सकते हैं, जबकि सुपरवाइजर ऊंचे रैंक के अधिकारी होंगे।
राज्यों में जिलाधिकारी, नगर आयुक्त और डिवीजनल कमिश्नर जैसे अधिकारी अपने क्षेत्र के मुख्य जनगणना अधिकारी होंगे और पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। जनगणना 2027 के लिए ‘जनगणना मैनेजमेंट और मॉनिटरिंग सिस्टम’ नामक वेब पोर्टल बनाया गया है, जो तैनाती से लेकर फील्ड प्रगति तक सभी गतिविधियों पर नजर रखेगा। जनगणना दो चरणों में होगी—पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2026 तक हाउस लिस्टिंग का होगा और दूसरा चरण फरवरी 2027 में आबादी गणना का। हिमालयी राज्यों और बर्फबारी वाले क्षेत्रों में यह काम सितंबर 2026 में पूरा किया जाएगा। इस बार लगभग 34 लाख कर्मचारियों को जनगणना कार्य में लगाया जाएगा।





