इंडिगो एयरलाइन का संकट लगातार गहराता जा रहा है और अब इस मुद्दे पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। सरकार ने साफ कहा है कि हालात सामान्य फेलियर नहीं बल्कि गंभीर लापरवाही के संकेत दिखाते हैं, जिनकी पूरी जांच की जाएगी। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार अगर जरूरत पड़ी तो इंडिगो के CEO को भी पद से बर्खास्त किया जा सकता है। यह बयान तब आया जब देशभर में फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी से लाखों यात्री परेशान हो रहे हैं और एयरलाइन का परिचालन लगातार अव्यवस्थित है। सरकार का कहना है कि नौ दिनों से चल रही यह स्थिति किसी छोटे प्रबंधन दोष का नतीजा नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई लापरवाही की ओर इशारा करती है। इसके साथ ही DGCA की भूमिका और प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठे हैं, जिसके चलते नियामक संस्था की जांच की घोषणा की गई है। अधिकारियों का कहना है कि पायलट उपलब्धता, प्रशिक्षण और ड्यूटी रॉस्टर में भारी कमियां थीं, जिनके बारे में पहले ही चेतावनी दी गई थी, लेकिन इंडिगो प्रबंधन द्वारा समय पर सुधार नहीं किए गए। इसी कारण बड़े पैमाने पर उड़ानें बाधित हुईं और संकट गहराता गया। यात्रियों की नाराजगी सोशल मीडिया के जरिए बढ़ती जा रही है और सरकार ने संकेत दिए हैं कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी।





