बंगाल की खाड़ी में एक और चक्रवात बनने की आशंका के चलते तटीय इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। भारतीय मौसम विभाग लगातार सिस्टम की निगरानी कर रहा है और आने वाले दिनों में इसकी तीव्रता, दिशा और संभावित लैंडफॉल के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी मिलने की उम्मीद है। मलक्का जलडमरूमध्य और दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र अब अवदाब में बदल चुका है और इसके अगले 48 घंटों में चक्रवाती तूफान का रूप लेने की संभावना जताई गई है। अनुमान है कि यह उत्तरी आंध्रप्रदेश से म्यांमार के बीच कहीं तट से टकरा सकता है, हालांकि इसकी अंतिम दिशा अभी स्पष्ट नहीं है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 25 तारीख की शाम से इसका प्रभाव समुद्र में तेजी से बढ़ेगा, जहां हवा की गति 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। 26 व 27 तारीख को हवा की रफ्तार 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच रहने का अनुमान है। सिस्टम पर अरब सागर, कोमोरिन क्षेत्र और आसपास बन रहे कई परिसंचरण तंत्रों का प्रभाव पड़ रहा है, जिसके कारण इसकी गति धीमी हो गई है। वहीं, बंगाल की खाड़ी का तापमान कम होने से ओडिशा तट पर इसके पहुंचने की संभावना घट सकती है। 27 तारीख के बाद उत्तरिया हवा के चलते कई इलाकों में न्यूनतम तापमान में गिरावट भी देखी जा सकती है।





