तमिलनाडु के करूर में शनिवार को हुए एक्टर और राजनेता विजय की रैली में भगदड़ में 40 लोगों की मौत और 60 से अधिक घायल हो गए। रैली के दौरान भारी भीड़ ने हालात को नियंत्रित करना मुश्किल बना दिया। घटना के तुरंत बाद राजनीति भी तेज हो गई। विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) ने इस भगदड़ की सीबीआई जांच की मांग की और मद्रास उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। पार्टी ने दावा किया कि अचानक बत्ती गुल होने और पथराव के कारण भगदड़ मची।
बीजेपी ने भी राज्य सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। पुलिस ने टीवीके के प्रमुख सहयोगियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, जीवन को खतरे में डालने और कानूनी आदेशों की अवहेलना जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया। विजय ने मृतकों के परिवारों को 20-20 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की। इस हादसे में दस बच्चे, 17 महिलाएं और 13 पुरुष शामिल थे।
राज्य सरकार ने न्यायमूर्ति अरुणा जगदीशन की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की, वहीं रैली में निर्धारित भीड़ सीमा से अधिक लोगों की उपस्थिति को मुख्य कारण बताया गया। सुरक्षा चिंताओं के चलते विजय को भगदड़ स्थल पर जाने से रोक दिया गया।





