नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने ट्रंप सरकार द्वारा लगाए गए टैरिफ को लेकर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दुनिया को डर है कि भारत अगर आगे बढ़ेगा तो उनका स्थान कहां रहेगा। इसी आशंका के चलते भारत के खिलाफ टैरिफ जैसी नीतियां लागू की जा रही हैं।
भागवत ने कहा कि भारत की प्रगति किसी अन्य देश के लिए खतरा नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया के लिए अवसर लेकर आती है। लेकिन कुछ ताकतें भारत की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और तकनीकी क्षमता से असहज महसूस करती हैं। यही कारण है कि व्यापारिक रुकावटें और आयात-निर्यात पर शुल्क बढ़ाकर भारत को रोकने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने जोर दिया कि आत्मनिर्भर भारत ही इस चुनौती का समाधान है। हमें अपने उत्पादन, तकनीक और उद्योग को मजबूत बनाना होगा, ताकि किसी भी टैरिफ या बाहरी दबाव से भारतीय अर्थव्यवस्था प्रभावित न हो।
भागवत ने यह भी कहा कि भारत के विकास की राह को रोकने की बजाय दुनिया को इसके साथ मिलकर चलना चाहिए। भारत की ताकत केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों में भी है, जो वैश्विक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है।





