जयपुर के आमेर इलाके में सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। सुबह के समय आसमान में बादल छाए हुए थे और हल्की बरसात के कारण कई जगहों पर पानी भर गया था। इसी बीच नाई की थड़ी से जयसिंहपुरा खोर की ओर जा रही एक स्कॉर्पियो कार जब सड़क के बीच से बहते बरसाती नाले पर पहुंची तो उसका संतुलन बिगड़ गया और तेज धारा में बहने लगी। कार में बैठे लोग अचानक हुए इस हादसे से घबरा गए और चारों ओर मदद के लिए पुकारने लगे।
बरसाती नाला उस समय बेहद तेज रफ्तार से बह रहा था, जिससे स्कॉर्पियो धीरे-धीरे बीच नाले में फंस गई और आगे खिसकने लगी। आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने जब यह नजारा देखा तो तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए मौके पर पहुंचे। कुछ लोगों ने रस्सियां और डंडे लेकर कार में बैठे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की। उनकी मेहनत रंग लाई और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। सौभाग्य से इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, हालांकि कार को भारी नुकसान जरूर हुआ है।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि नाले की तेज धारा देखकर लग रहा था कि कार बहकर काफी दूर चली जाएगी, लेकिन लोगों की समझदारी और त्वरित कार्रवाई ने बड़ा हादसा होने से रोक दिया। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन को भी सूचना दी गई और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने चेतावनी दी है कि बारिश के मौसम में लोग ऐसे नालों और जलभराव वाले इलाकों से होकर वाहन चलाने से बचें, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
जयपुर में मानसून सक्रिय है और कई इलाकों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे नाले और नदियां उफान पर हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से पानी भरे क्षेत्रों से गुजरने की कोशिश न करें। आमेर की इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि बरसाती नालों को पार करने में लापरवाही कितनी खतरनाक हो सकती है। साथ ही इस घटना ने यह भी दिखाया कि समय पर की गई मदद और सूझबूझ किसी की जान बचाने में कितनी कारगर साबित हो सकती है।





