एशेज सीरीज के पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास का एक अनोखा पल सामने आया है, जब टीम ने पहली बार 31 वर्ष की उम्र के दो खिलाड़ियों को एक साथ टेस्ट डेब्यू का मौका दिया। जेक वेदराल्ड और ब्रेंडन डॉगेट दोनों को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया है, जो अपने लंबे घरेलू अनुभव के बाद अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर कदम रख रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ पर्थ में खेले जा रहे इस मैच में दोनों खिलाड़ियों पर बड़ी जिम्मेदारी है, खासकर इसलिए क्योंकि टीम अपने प्रमुख गेंदबाज पैट कमिंस और जोश हेजलवुड की गैरमौजूदगी में मैदान पर उतरी है।
जेक वेदराल्ड साउथ ऑस्ट्रेलिया के विश्वसनीय सलामी बल्लेबाज हैं, जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में 5000 से अधिक रन बनाए हैं और अब उस्मान ख्वाजा के साथ पारी की शुरुआत कर रहे हैं। वहीं तेज गेंदबाज ब्रेंडन डॉगेट, ऑस्ट्रेलिया के इंडिजिनस यानी मूल निवासी समुदाय से आने वाले दुर्लभ खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। 50 फर्स्ट क्लास मैचों में उन्होंने 190 विकेट चटकाए हैं, और हाल के मुकाबलों में उनका प्रदर्शन बेहतरीन रहा है।
1946 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि ऑस्ट्रेलिया ने एक ही टेस्ट में दो 30+ आयु के खिलाड़ियों को डेब्यू कराया है। यह फैसला टीम के अनुभव और स्थिरता पर फोकस को दर्शाता है, खासकर एशेज जैसी प्रतिष्ठित सीरीज में, जहां हर मैच बेहद अहम माना जाता है।





