देशभर में 10 प्रमुख ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर आयोजित भारत बंद का असर मिला-जुला देखने को मिला। इस बंद का मुख्य मुद्दा अमेरिका
के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील का विरोध रहा। पंजाब में कई जगहों पर श्रमिक संगठनों ने प्रदर्शन और हड़ताल की, जिससे स्थानीय स्तर पर यातायात और कुछ औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हुईं। बंद का नेतृत्व विभिन्न केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने किया, जिनमें All India Trade Union Congress और Centre of Indian Trade Unions जैसे संगठनों की भागीदारी बताई गई। यूनियन नेताओं का कहना है कि प्रस्तावित ट्रेड समझौता देश के छोटे उद्योगों और श्रमिक हितों के खिलाफ हो सकता है। हालांकि, देश के अधिकांश हिस्सों में जनजीवन सामान्य रहा। खास बात यह रही कि बैंकिंग सेवाओं पर बंद का कोई बड़ा असर नहीं पड़ा और बैंक खुले रहे। परिवहन सेवाएं भी कई शहरों में सुचारु रूप से चलती रहीं। केंद्र सरकार की ओर से कहा गया कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते में राष्ट्रीय हित सर्वोपरि रहेगा। कुल मिलाकर भारत बंद का असर कुछ राज्यों और क्षेत्रों तक सीमित रहा, जबकि देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य गतिविधियां जारी रहीं।





