बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही सियासी हलचल तेज हो गई है। विपक्षी महागठबंधन में सीटों के बंटवारे और
प्रमुख पदों को लेकर असमंजस बरकरार है। खासकर वीआईपी चीफ मुकेश सहनी की डिप्टी मुख्यमंत्री पद की मांग ने गठबंधन में नई खींचतान पैदा कर दी है। मुकेश सहनी का कहना है कि सीटों की संख्या कम कर दी जाए, लेकिन डिप्टी सीएम की नियुक्ति अनिवार्य होनी चाहिए। दूसरी ओर कांग्रेस ने तेजस्वी यादव द्वारा पेश किए गए ऑफर को अभी स्वीकार नहीं किया है। सूत्रों के अनुसार, गठबंधन के अंदर विभिन्न दलों के बीच सीटों और शक्तियों के बंटवारे को लेकर बातचीत जारी है। हालांकि, अभी तक कोई अंतिम निर्णय या आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह असमंजस महागठबंधन की चुनाव रणनीति और संगठनात्मक तैयारियों को प्रभावित कर सकता है। इसके बावजूद, सभी दलों का लक्ष्य एकजुट होकर एनडीए के खिलाफ मजबूत मोर्चा तैयार करना है। बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद यह विवाद राज्य की सियासी गतिविधियों को और तीव्र बना रहा है। इस विवाद का हल निकाले बिना महागठबंधन की पूरी रणनीति पर असर पड़ सकता है। इस राजनीतिक गतिरोध के बीच गठबंधन की स्थिरता और आगामी चुनाव परिणाम पर सबकी नजरें टिकी हैं।





