राजस्थान में कड़ाके की सर्दी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राज्य के कई जिलों में तापमान 2 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे पहुंच गया है,
जिससे बर्फीली हवाओं का असर साफ महसूस किया जा रहा है। तेज ठंड और शीतलहर के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सुबह और देर रात घने कोहरे की स्थिति बनी हुई है, वहीं दिन में भी धूप का असर कमजोर दिखाई दे रहा है। तापमान में तेजी से गिरावट के चलते खेतों में पाला जमने लगा है, जिसके कारण सब्ज़ियों और रबी फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है। किसान फसलों को बचाने के लिए लगातार पराली जलाने और खेतों में धुआं करने जैसे उपाय कर रहे हैं, फिर भी फसलें ठंड की मार झेल रही हैं।
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि आने वाले सात दिनों तक कड़ाके की सर्दी और शीतलहर की तीव्रता और बढ़ सकती है। कई इलाकों में न्यूनतम तापमान और गिरने की संभावना है। विभाग ने लोगों को सुबह-शाम बाहर निकलते समय बचाव के उपाय करने की सलाह दी है। वहीं प्रशासन ने भी बेघर और जरूरतमंद लोगों को राहत देने के लिए रैन बसेरों में अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध करवाई हैं। प्रदेश में लगातार बढ़ती ठंड ने सर्दी के मौसम को इस बार और भी सख्त बना दिया है।





