राजस्थान में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ही युवक के नाम पर सात वोटर आईडी कार्ड जारी होने का खुलासा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि सभी कार्डों में मतदाता पहचान संख्या अलग-अलग दर्ज है। इस घटना के सामने आते ही राजनीतिक माहौल गर्मा गया है और कांग्रेस ने इसे गंभीर चुनावी गड़बड़ी बताते हुए आरोप लगाया है कि वोटर लिस्ट सिस्टम को जानबूझकर हाईजैक किया गया है। विपक्ष का कहना है कि यदि एक व्यक्ति के नाम पर इतने कार्ड बन सकते हैं तो वोटर डेटा में बड़े पैमाने पर हेरफेर की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सूत्रों के अनुसार यह मामला तब उजागर हुआ जब युवक को अलग-अलग क्षेत्रों से वोटर पर्चियां मिलने लगीं। जांच में सामने आया कि उसके नाम से सात अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में वोटर आईडी मौजूद हैं। मामले की जानकारी मिलते ही चुनाव विभाग भी सक्रिय हो गया है और डेटा वेरिफिकेशन का काम जारी है। विभाग ने प्राथमिक जांच में तकनीकी गड़बड़ी की संभावना जताई है, लेकिन इसके पीछे किसी बड़ी साजिश से भी इनकार नहीं किया गया है।
कांग्रेस ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की हाई-लेवल जांच कराई जाए ताकि चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे। वहीं, प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और वोटर लिस्ट को तुरंत अपडेट किया जाएगा।





