केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देश में मुस्लिम आबादी को लेकर अपनी राय
व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश में मुस्लिम आबादी की वृद्धि प्रजनन दर की वजह से नहीं बल्कि पाकिस्तान और बांग्लादेश से होने वाली घुसपैठ के कारण हुई है। अमित शाह ने कहा कि यदि इस दिशा में सतर्कता नहीं बरती गई, तो देश की आबादी संतुलन से बाहर हो सकती है और यह स्थिति धर्मशाला जैसी गंभीर चुनौती पेश कर सकती है। उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि देश की सुरक्षा और आबादी संतुलन के मुद्दों पर गंभीर चर्चा और कदम उठाने की जरूरत है, लेकिन विपक्ष इस मुद्दे को नजरअंदाज कर रहा है। गृह मंत्री ने जोर देकर कहा कि देश में सुरक्षा सुनिश्चित करना और घुसपैठ को रोकना हर नागरिक और सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सीमाओं की सुरक्षा, नागरिक पहचान प्रणाली और नियंत्रण को सख्ती से लागू करना समय की मांग है। अमित शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि यह विषय केवल राजनीतिक नहीं बल्कि देश की सुरक्षा और सामाजिक संरचना से जुड़ा हुआ गंभीर मामला है, जिसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक मंचों पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।





