राजस्थान के गोविंदगढ़ में जयपुर-बीकानेर हाईवे पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी। महेंद्र (52) रोज की तरह पैदल ही होटल में अपनी ड्यूटी के लिए जा रहे थे, लेकिन धर्म कांटे के पास एक अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भयानक था कि उन्हें गंभीर हालत में गोविंदगढ़ सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव जैसे ही घर पहुंचा, पूरे परिवार पर मानो पहाड़ टूट पड़ा। महेंद्र की पांचों बेटियां अपने पिता का शव देखकर बेहोश हो गईं और घर में चीख-पुकार मच गई। उनकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था, वहीं बुजुर्ग माता-पिता और बेटे की हालत भी संभल नहीं पा रही थी। मृतक महेंद्र होटल में दैनिक मजदूरी का काम करते थे और परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। अब उनकी मौत के बाद परिवार पर गहरा दुख और आर्थिक संकट दोनों एक साथ आ खड़े हुए हैं। गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां पूरे गांव के लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। इस हादसे ने फिर साबित कर दिया कि हाईवे पर रफ्तार और लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी बन सकती है।





