जयपुर में लो-फ्लोर बस ड्राइवरों की हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई है, जिससे शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बड़ी राहत मिली है। पिछले कई दिनों से चल रही इस हड़ताल के कारण लगभग 200 लो-फ्लोर बसों में से आधी बसें सड़क से नदारद थीं, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पारस ट्रैवल कंपनी और ड्राइवर संघ के बीच हुए समझौते के बाद सभी ड्राइवर्स तुरंत काम पर लौट आए। समझौते में ड्राइवरों के वेतन में ₹1000 मासिक वृद्धि और हर साल ₹1000 की वार्षिक बढ़ोतरी का फैसला शामिल है। साथ ही दिवंगत कर्मचारी कुलदीप मीणा के परिवार को ₹1 लाख की आर्थिक सहायता देने पर भी कंपनी ने सहमति जताई है।
बीमार कर्मचारी रामजीलाल शर्मा के इलाज के लिए भी कंपनी ने ESI अस्पताल में उपचार और ₹1 लाख की सहायता देने का वादा किया है। सभी ड्राइवरों के लिए सामूहिक दुर्घटना बीमा 1 दिसंबर 2025 से लागू किया जाएगा, जो उनके परिवारों को सुरक्षा प्रदान करेगा। समझौते में यह भी तय हुआ है कि किसी भी कार्रवाई से पहले यूनियन प्रतिनिधि योगेश शर्मा से चर्चा की जाएगी और हड़ताल की वजह से किसी ड्राइवर पर कोई प्रतिकूल कार्रवाई नहीं की जाएगी। हड़ताल खत्म होने के साथ ही शहर की 15 प्रमुख रूटों पर बस सेवा सामान्य होने लगी है, जिससे रोजमर्रा की यात्रा करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली है।





