श्रीगंगानगर में किसानों का विरोध-प्रदर्शन तेज होता जा रहा है। विभिन्न किसान संगठनों के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान सड़कों पर उतरे और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि सरकार और अधिकारी बिना वैकल्पिक व्यवस्था बताए ऐसे फैसले ले रहे हैं, जिससे उनकी रोज़ी-रोटी पर सीधा असर पड़ रहा है।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने सवाल उठाया कि अगर मौजूदा व्यवस्थाओं में बदलाव किया जा रहा है तो अफसर यह स्पष्ट करें कि किसानों के लिए विकल्प क्या है। किसानों का आरोप है कि बार-बार ज्ञापन देने और बातचीत की मांग के बावजूद प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा। इससे किसानों में भारी नाराज़गी है।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इसी कड़ी में किसानों ने 12 तारीख को कलेक्ट्रेट पर पड़ाव डालने का ऐलान किया है। इस दौरान बड़ी संख्या में किसानों के जुटने की संभावना है। प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन सकता है।
वहीं जिला प्रशासन का कहना है कि किसानों की मांगों पर विचार किया जा रहा है और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश जारी है। फिलहाल हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और सभी की नजरें 12 तारीख को होने वाले कलेक्ट्रेट पड़ाव पर टिकी हैं।





