राजस्थान सरकार ने राज्य में पुलिस प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नए भर्ती हुए एक हजार पुलिसकर्मियों को अब मध्य प्रदेश भेजकर प्रशिक्षण दिलाने का निर्णय लिया गया है। ग्वालियर स्थित तिधरा पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में नौ महीने तक चलने वाले इस कार्यक्रम में आधुनिक पुलिसिंग तकनीकों, साइबर सुरक्षा, अपराध जांच की नई विधियों, शारीरिक फिटनेस और नए आपराधिक कानूनों का व्यापक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही बढ़ते तस्करी नेटवर्क और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के तरीकों पर भी विशेष जोर होगा। राजस्थान पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा और मध्य प्रदेश पुलिस अधिकारियों के बीच हुई चर्चा के बाद यह फैसला लागू किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का पूरा खर्च राजस्थान सरकार वहन करेगी, जिसकी अनुमानित राशि करीब 11.50 करोड़ रुपये है। इस पहल को पुलिस बल की कार्यक्षमता बढ़ाने, आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप जवानों को तैयार करने और बेहतर पेशेवर दक्षता विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मध्य प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राजाबाबू सिंह इस पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम का निर्देशन करेंगे। सरकार का मानना है कि इस उच्च स्तरीय प्रशिक्षण से पुलिस बल और अधिक सक्षम एवं प्रभावी बन सकेगा।





