महाराष्ट्र में लंबे राजनीतिक इंतजार के बाद आज शनिवार को 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के लिए मतदान हो रहा है। यह चुनाव राज्य की ग्रामीण राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसके नतीजे आने वाले विधानसभा और लोकसभा समीकरणों की दिशा तय कर सकते हैं।
सबसे ज्यादा नजरें पुणे जिला परिषद पर टिकी हुई हैं, जिसे लंबे समय से पवार परिवार और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। हालांकि, हाल के वर्षों में बदले सियासी हालात, NCP में टूट और भाजपा की बढ़ती पकड़ ने मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक यह चुनाव पवार परिवार की ग्रामीण सियासत में पकड़ का बड़ा इम्तिहान है। खासकर अजित पवार के भाजपा के साथ जाने के बाद वोटरों का रुझान किस ओर जाता है, इस पर सभी की निगाहें हैं। वहीं कांग्रेस, शिवसेना और भाजपा ने भी पूरी ताकत झोंक दी है।
मतदान को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कई जिलों में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें देखने को मिलीं। चुनाव नतीजे आने के बाद यह साफ हो जाएगा कि महाराष्ट्र की ग्रामीण राजनीति में किसका दबदबा कायम है और किसकी साख को झटका लगा है।





