राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी सुर्खियों में है। भाजपा विधायक ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान राज्य के सिस्टम पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि पूरा सिस्टम जंग खा गया है और इसमें सुधार की सख्त जरूरत है। उनका कहना था कि जनता की समस्याओं को सुनने और हल करने के लिए प्रशासनिक ढांचे में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी दिखाई दे रही है। इसी दौरान विधानसभा स्पीकर और मंत्री आपस में बातचीत करने लगे तो विधायक ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि अगर आप दोनों को बात करनी है तो हम चलते हैं, आप आराम से चर्चा कर लीजिए। इस टिप्पणी ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया और माहौल कुछ पल के लिए असहज हो गया।
विधायक के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी चर्चाएं तेज हो गईं। लोग इस बयान को सरकार और सिस्टम पर सीधा हमला बता रहे हैं, वहीं कुछ यूजर्स इसे विधायक की ईमानदार स्वीकारोक्ति के रूप में देख रहे हैं कि व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। विपक्षी पार्टियां भी इस बयान को मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही हैं। वहीं सत्तारूढ़ दल के नेताओं का कहना है कि विधायक की भावना सिस्टम सुधार की दिशा में रचनात्मक सुझाव के रूप में देखी जानी चाहिए। यह टिप्पणी अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का मुद्दा बनी हुई है।





