बिहार में SIR 2025 के तहत फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने के बाद कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। इस सूची में लगभग 6,000
मतदाताओं के नाम विदेशी पाए जाने के कारण हटाए गए हैं। इसके अलावा, पुरुषों की तुलना में अधिक महिलाओं के नाम भी वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ महिलाओं के नाम उनके मायके और ससुराल दोनों स्थानों पर एंट्री होने के कारण हटाए गए हैं। 1 अगस्त को जारी मसौदा सूची और 30 सितंबर की अंतिम सूची में अंतर भी देखा गया है। अंतिम सूची से कुल 3.66 लाख नाम हटाए गए, जिनमें से 62,000 नाम मृत्यु के कारण, 1.64 लाख नाम स्थायी रूप से स्थान बदलने के कारण, 81 हजार डुप्लिकेट प्रविष्टियों के कारण, 48 हजार पते पर न पाए जाने के कारण और लगभग 100 नाम कम उम्र के आवेदकों के कारण हटाए गए। पूर्णिया, सुपौल, सीवान और पटना जिलों में महिलाओं की संख्या पुरुषों के मुकाबले अधिक घटाई गई है। अधिकारियों ने बताया कि 6,000 विदेशी मतदाताओं के मामलों को संबंधित अधिकारियों के पास भेजा जाएगा। इस तरह फाइनल वोटर लिस्ट में बिहार में मतदाता संख्या में साफ-सुथरा और सटीक रिकॉर्ड बनाने की कोशिश की गई है।





