नई दिल्ली। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने एक बार फिर अपने बेबाक बयानों से सियासी हलकों में चर्चा तेज कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत की विदेश नीति किसी एक पार्टी की नहीं, बल्कि पूरे देश की होती है। थरूर के अनुसार, यदि प्रधानमंत्री की हार होती है तो उसे किसी दल की हार मानने के बजाय देश की हार के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री की हार का जश्न मनाना दरअसल भारत की हार का जश्न मनाने जैसा है।
इंडिया टुडे से बातचीत में शशि थरूर ने बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा हालात पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अब पारंपरिक हमलों से आगे बढ़ते हुए हाइपरसोनिक मिसाइलों पर जोर दे रहा है, जो भारत की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। थरूर ने पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वहां वास्तविक शक्ति सेना के हाथों में है और कमजोर अर्थव्यवस्था के कारण देश अंतरराष्ट्रीय मदद पर निर्भर है।
उन्होंने बांग्लादेश-पाकिस्तान के बीच हुए रक्षा समझौतों को भी भारत के लिए नई चुनौती बताया। साथ ही कहा कि भारत तकनीक, साइबर स्पेस और अंतरिक्ष क्षेत्र में लगातार मजबूत हो रहा है और ग्लोबल साउथ के सहयोग से एक उभरती वैश्विक शक्ति बन सकता है।





