नई दिल्ली केंद्रीय बजट 2026 को लेकर मिडिल क्लास और नौकरीपेशा लोगों की उम्मीदें बढ़ती जा रही हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को बजट पेश करेंगी और माना जा रहा है कि इसमें सैलरीड कर्मचारियों को टैक्स राहत का बड़ा गिफ्ट मिल सकता है। चर्चा है कि सरकार स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा बढ़ाकर ₹1.25 लाख तक कर सकती है, जिससे करोड़ों टैक्सपेयर्स को सीधा फायदा होगा।
स्टैंडर्ड डिडक्शन वह तय राशि होती है, जो ग्रॉस इनकम से सीधे घटाई जाती है और इससे टैक्सेबल इनकम कम हो जाती है। फिलहाल पुराने टैक्स सिस्टम में यह ₹50,000 है, जबकि नए टैक्स सिस्टम में इसे 2024 में बढ़ाकर ₹75,000 किया गया था। टैक्स विशेषज्ञों का मानना है कि नए टैक्स सिस्टम को ज्यादा आकर्षक बनाने के लिए सरकार इसमें स्टैंडर्ड डिडक्शन को ₹1 लाख या उससे अधिक कर सकती है।
अगर यह सीमा ₹1.25 लाख तक जाती है, तो मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ काफी कम होगा। खासकर वेतनभोगी और पेंशनर्स को इसका सीधा लाभ मिलेगा। एक्सपर्ट्स यह भी सुझाव दे रहे हैं कि स्टैंडर्ड डिडक्शन को महंगाई से जोड़ा जाना चाहिए, ताकि बढ़ती लागत के साथ राहत भी बढ़े। अब सभी की निगाहें बजट घोषणाओं पर टिकी हैं।





