धनतेरस के दिन दीप जलाने का विशेष महत्व होता है, क्योंकि यह दिवाली पर्व की शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन मां लक्ष्मी, भगवान कुबेर और धनवंतरी की आराधना करने से धन, स्वास्थ्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यता है कि धनतेरस पर 13 दीपक जलाने से घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है और मां लक्ष्मी का स्थायी वास होता है। इस वर्ष धनतेरस के अवसर पर दीपदान के दो शुभ मुहूर्त हैं — पहला शाम 5 बजकर 48 मिनट से 7 बजकर 23 मिनट तक और दूसरा रात 8 बजकर 58 मिनट से 10 बजकर 33 मिनट तक। इस शुभ समय में घर के अलग-अलग स्थानों पर दीप जलाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मकता का संचार होता है। मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए तुलसी, मुख्य द्वार, पूजा स्थल और दक्षिण दिशा में दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन दीपक जलाते समय “ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥” मंत्र का जाप करने से धन, धान्य और सफलता की प्राप्ति होती है। धनतेरस की यह परंपरा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि जीवन में रोशनी और समृद्धि का संदेश भी देती है।





