जयपुर से मानवता को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां एक पिता अपने बेटे के शव को सीने से लगाए मदद के लिए भटकता रहा। बताया जा रहा है कि गंभीर रूप से बीमार बेटे को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही ऑक्सीजन खत्म हो गई। समय पर ऑक्सीजन न मिलने के कारण युवक की मौत हो गई। इसके बाद जो हुआ, उसने व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए।
बेटे की मौत के बाद पिता के पास न तो कोई साधन था और न ही कोई सहारा। आरोप है कि पुलिस और प्रशासन से मदद मांगने के बावजूद उसे तत्काल एंबुलेंस या वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया। मजबूरी में पुलिसकर्मियों ने पिता को बेटे के शव के साथ एक बस में बैठा दिया, ताकि वह अपने गांव या घर तक पहुंच सके। बस में शव के साथ बैठा वह पिता फूट-फूटकर रोता रहा, जिसे देखकर यात्रियों की आंखें भी नम हो गईं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्था और आपात सेवाओं की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है। एंबुलेंस में ऑक्सीजन जैसी बुनियादी सुविधा का खत्म हो जाना और उसके बाद मृतक के परिजनों को इस तरह भटकने पर मजबूर होना बेहद दर्दनाक है। लोगों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।





