ऊंची उड़ान की चाहत और बड़े सपनों के साथ आसमान को अपना घर मानने वाली युवा पायलट शांभवी पाठक की असमय मौत ने हर किसी
को झकझोर कर रख दिया है। बारामती प्लेन क्रैश में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की फ्लाइट को कैप्टन सुमित कपूर और शांभवी पाठक ऑपरेट कर रहे थे। इस दर्दनाक हादसे में दोनों पायलटों की जान चली गई, जिससे उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। शांभवी के घर पर रिश्तेदारों और परिचितों का तांता लगा हुआ है। हर आंख नम है और हर जुबान पर बस एक ही सवाल है कि इतनी होनहार बेटी इतनी जल्दी कैसे चली गई।
परिजन बताते हैं कि शांभवी बचपन से ही पायलट बनने का सपना देखती थी। उसकी मेहनत, लगन और अनुशासन ने उसे इस मुकाम तक पहुंचाया था। परिवार को उस पर गर्व था और भविष्य को लेकर कई उम्मीदें जुड़ी थीं। लेकिन एक पल में सब कुछ खत्म हो गया। इस हादसे ने न सिर्फ दो परिवारों को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे देश को गहरे सदमे में डाल दिया है। सभी मृतकों के परिवारों में शोक की लहर है और लोग इस दुखद घटना पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।





