माघ मेले के दौरान व्यवस्था भंग होने के मामले में प्रशासन ने संत अविमुक्तेश्वरानंद को कड़ी चेतावनी जारी की है। प्रशासन की ओर से उन्हें
दूसरा नोटिस भेजा गया है, जिसमें साफ कहा गया है कि यदि आगे भी इस तरह के कृत्य हुए तो उन्हें माघ मेले से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि उनके कृत्यों के कारण मेले की व्यवस्था छिन्न-भिन्न हुई और श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रशासन का कहना है कि माघ मेला एक विशाल धार्मिक आयोजन है, जहां लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। नोटिस में अविमुक्तेश्वरानंद से स्पष्ट रूप से अपेक्षा जताई गई है कि वे प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें और किसी भी प्रकार की गतिविधि से बचें जिससे शांति व्यवस्था प्रभावित हो।
सूत्रों के मुताबिक इससे पहले भी उन्हें नियमों के उल्लंघन को लेकर नोटिस दिया जा चुका है, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। इसी कारण अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। वहीं, इस मामले को लेकर संत समाज और प्रशासन के बीच चर्चा का दौर भी शुरू हो गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि माघ मेले की गरिमा और सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है।





